सूक्तियां एवं सुन्दर कथन

” मनुष्य साधन से नहीं
साधना से महान बनता है,
भवन से नहीं भावना से
महान बनता है,
उच्चारण से नहीं उच्च
आचरण से महान बनता है—। ”
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” अनुच्छेद – 105 बताता है :
” भरोसा ( Trust ) एक बार टूट जाये तो फिर
Restore नहीं होता,
चाहे दलीलें कितनी भी मजबूत क्यों न हों –।। ”
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” बोलते समय ध्यान रखें
क्योंकि लाठी तो बस हड्डियाँ
तोड़ती है
पर शब्द रिश्ते तोड़ते हैं –। ”
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” मनुष्य के शरीर में लगे बाण उतनी
वेदना नहीं देते जितनी वेदना
कठोर शब्द देते हैं। ”
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” गरीबी जेब में हो तो चल
जाती है,
लेकिन सोच में हो
तो इंसान कभी अमीर नहीं बनता -। ”
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” सच्चा इंसान बनिए —-
लोगों को नहीं,
भगवान् को जबाव देना है –। ”
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” जिंदगी में बहुत कुछ सीखना जरुरी नहीं है
लेकिन एक हुनर जरूर सीख लो
लोगों को पहचानने का
क्योंकि अक्सर लोग वैसे नहीं होते
जैसे वो दिखाई देते हैं। ”
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” पैसा आने पर व्यक्ति
का दूसरों के प्रति
नजरिया उसके
संस्कारों को दर्शाता है -। ”
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” जिंदगी इतनी सच्चाई और निष्ठा से
जियो कि अगर कोई तुमसे कहे,
तुम्हारे कर्म ही तुम्हारी पहचान बनेंगे,
तो तुम्हें गर्व और संतुष्टि महसूस हो। ”
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